google-site-verification=gHOYcQlFDEsjPv1HJAVxeFNVsWwwx80JVF0IMcqivTM

Real scinece of Glutamine Suppliment :-

ग्‍लूटामिन एक नॉनएशिंसियल अमाइनो एसिड, या कंडिशनल अमाइनो एसिड है। ग्‍लूटामिन दो टाईप के होते हैं :- 1. एल ग्‍लूटामिन 2. डी ग्‍लूटामीन। नॉन एसेशिंयल अमाइनो एसिड इसको इसलिए कहा जाता है कि बॉडी को इसकी रिकावायरमेंट होने पर एक स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति की बॉडी खूद इसे बना लेती है। कंडिशनल अमाइनो एसिड इसलिए कहा जाता है, कि जब आपकी बॉडी स्‍ट्रेस में होती है स्‍ट्रेस का मतलब कोई इंजरी, चोट, केंसर, इंन्‍फेक्‍शन आदि में ग्‍लूटामिन की अधिक आवश्‍यकता होती है। इस स्‍ट्रेस की कंडिशन में बॉडी खूद भी ग्‍लूटामिन बना लेती है, और यह बनेगा वहां से जहां ग्‍लूटामिन अधिक होगा। ग्‍लूटामिन अधिक मशल्‍स में होता है, तो स्‍ट्रेस की कं‍डिशन में रोगप्रतिरोधक सेल्‍स को एनर्जी देने के लिए मशल्‍स को तोड़कर बॉडी ग्‍लूटामिन बना लेती है। जिससे मशल्‍स का लॉस होता है। यही कारण है कि जब आप बिमार होते हैं तो आप पतले हो जाते है। इन मशल्‍स को टूटने से बचाने के लिए ग्‍लूटामिन की आवश्‍यकता होती है। इस कारण इसे कंडिशनल अमाईनो एसिड कहा जाता है।

बॉडी को ग्‍लूटामिन की अत्‍यधिक आवश्‍यकता होती है। मानव शरीर में 90 प्रतिशत ग्‍लूटामिन मशल्‍स में बनता है एवं 10 प्रतिशत ब्‍लड में होता है। यहां तक की 62 प्रतिशत मशल्‍स ग्‍लूटामिन से बनती है। यह शरीर बॉडी में सबसे अधिक मात्रा में पाए जाने वाला अमाईनो एसिड है, किन्‍तु इसके बावजूद भी बॉडीबिल्डिंग में ग्‍लूटामिन को सम्‍पलीमेंट के रूप में लेने से कोई फायदा नहीं है और यह इसलिए है कि आप इस प्रकार के स्‍पोर्ट से जूड़े हैं तो वहां आप स्‍वत: एक हाई प्रोटिन बैलेंस डाइट लेते हैं, जिससे यह होता है कि इस डाईट से ही बॉडी ग्‍लूटामिन की रिकवार्यमेंट को पूरा कर लेती है। 0.3 ग्राम ग्‍लूटामिन की प्रतिदिन प्रति कि.ग्रा. बॉडी वेट के हिसाब से नार्मल व्‍यक्ति को आवश्‍यकता होती है, जो बैलेंस डाइट से पूरी की जा सकती है। बैलेंस डाईट का मतलब है कि आपके पूरी दिन की मिल में फिश, डेयरी प्रॉडक्‍ट एवं दालों से आप अपने प्रोटीन की रिकवार्यमेंट को पूरा कर रहे हो। क्‍योंकि इनमें उपस्थित इनकी प्रोटीन की मात्रा का 15 से 20 प्रतिशत ग्‍लूटामिन होता है। सप्‍लीमेंट से ग्‍लूटामिन लेने की सेफ लिमिट अधिकतम 14 ग्राम प्रतिदिन है।

कई रिसर्च को देखा गया तो यह पाया कि ग्‍लूटामिन बॉडी के लिए बहुत आवश्‍यक है। परंतु साथ ही यह भी देखा गया की इसके लिए अलग से सप्‍लीमेंट लेने की कोई आवश्‍यकता नहीं है। 2001 में जर्नल ऑफ न्‍यूट्रीशन में एक ब्रिटीश टीम ने 75 से अधिक रिसर्चों को कंबाइन किया और एक निष्‍कर्ष निकाला कि ग्‍लूटामिन सप्‍लीमेंट स्‍पोर्ट एवं थेरापेटिक केस में आवश्‍यक नहीं है।

What are the benefits of glutamine?

मशल्‍स रिकवरी के लिए, मशल्‍स लॉस को रोकने के लिए, इम्‍यून सिस्‍टम के लिए, डब्‍ल्‍यू.बी.सी. के काम करने के लिए ग्‍लूटामिन जरूरी है। रोगप्रतिरोधक क्षमता को बड़ाता है साथ ही लिवर के सेल्‍स को एनर्जी देता है। ब्रेन में जो न्‍यरोट्रांसमिटर बनता है ग्‍लूटामेड, गाबा वह ग्‍लूटामिन से ही बनता है इसलिए यह बेन सिगनल्‍स के लिए भी जरूरी है। मशल्‍स प्रोटीन सिंथेसिस बढ़ाता है।

What are the negative effects of glutamine?

ग्‍लूटामिन का कोई ने‍गेटिव इफेक्‍ट तो नहीं है, परंतु यह सप्‍लीमेंट से अधिक मात्रा में लिए जाने पर बॉडी को इसकी आदत हो जाएगी। क्‍योंकि आप बहार से सप्‍लीमेंट के रूप में बॉडी में अधिक ग्‍लूटामिन डालते हैं तो यह बॉडी के रोग प्रतिरोधक सेल, लिवर, को अधिक मात्रा में एनर्जी देता है, और आपने इसे एक दम से लेना बंद कर दिया तो आपकी इम्‍यूनिटी ड्रोप हो सकती है, डायजेशन में इशू हो सकता है।

What foods are high in glutamine?

फिश, डेयरी प्रॉडक्‍ट, दालें, फूड ग्रेन्‍स।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *